पूजा सामग्री
हम कोई भी पूजा अनुष्ठान करें उसमें सामग्री की भी आवश्यकता होती है जिनमें कुछ सामान्य सामग्री होती है जो सभी पूजा में सामान्य रूप से आवश्यक होते हैं एवं कुछ विशेष सामग्री होती है जो पूजा विशेष में ही प्रयोग किये जाते हैं। पार्थिव पूजन के लिये आवश्यक सामान्य व विशेष सामग्री दोनों की सूचि यहां दी गई है, ध्यातव्य यह है कि हवन को अनिवार्य अंग नहीं माना गया है और हवन की सामग्रियों का उल्लेख नहीं है, अस्तु जो हवन करना चाहें वो हवन सामग्री की पृथक से व्यवस्था करें, साथ ही सामग्रियों की मात्रा पार्थिव संख्या के आधार पर न्यूनाधिक भी करें。
- ब्राह्मण वरण सामग्री : जोड़ा धोती, गमछा आदि
- नारियल (पानी वाला) : 1
- दीप, बत्ती
- पीली सरसों: 1 पुड़िया
- अरबा चावल : 500 ग्राम
- तिल – जौ : २५ ग्राम
- चंदन (श्रीखण्ड-मलयागिरि आदि) : 1
- कुंकुम, सिंदूर, भस्म, केसर
- धूप : 100 ग्राम, धूना-गुग्गुल
- कपूर : 25 ग्राम
- घी – शक्कड़ : 500 ग्राम, मधु : 200 ग्राम
- दूध – पञ्चामृत और अभिषेक के अनुसार, दही
- पान, सुपारी, लौंग, इलायची
- वस्त्र : धोती, गमछा भगवान को चढाने व ब्राह्मण वरण हेतु, साड़ी, साया, ब्लॉज पीस, चुनड़ी आदि पार्वती जी के लिये ।
- शृंगार सामग्री : ऐना, कंघी, अलता, पैररंगा, केशपिन, बिंदी, मेंहदी, काजल, सुगन्धित तेल, लहठी इत्यादि
- आभूषण (यथासंभव)
- पीला कपड़ा, उजला कपड़ा आवश्यकतानुसार, कटिसूत्र (डांरकडोर), यज्ञोपवीत,
- नैवेद्य (यथासंभव) : पञ्चमेवा (शुद्ध पञ्चमेवा) – मिसरी : 500 ग्राम, मिठाई, पकमान, पुआ, खीर, हलुवा, चूड़मा, केला एवं अन्य फल
- आसन : स्वयं एवं ब्राह्मण के लिये शुद्ध आसन
- भांग का गोला : पीसा हुआ
- गंगा जल
- फूल, माला, तुलसी, दूर्वा, शमीपत्र, बेलपत्र, आम का पल्लव, केला का पत्ता। जहां केला का पत्ता अनुपलब्ध हो वहां अन्य उपलब्ध अथवा भोज के पत्ते का प्रयोग किन्तु थर्मोकॉल प्लेट–दोने का प्रयोग न करें। पीतल थाली-कटोरी का प्रयोग करें।
विशेष सामग्रियों को पृथक कहा गया है। यहां ऐसा न समझा जाय कि कलशस्थापन सामग्री को नहीं लिया गया है किन्तु जिन सामग्रियों को मुख्यतः सप्तमृत्तिकादि; कलश स्थापन सामग्री समझा जाता है वो सभी अपद्रव्य होते हैं और पूजा में प्रयोग करना तो दूर की बात है स्पर्श के योग्य भी नहीं होते। इस विषय को पवित्रता अनुभाग में समझा जायेगा।