मंडल

श्रेणी: विधान मंडल मंडल विषयक चर्चा में एक तथ्य विशेष महत्वपूर्ण है कि यदि ५० – ६० वर्ष के वृद्ध से पूछें तो कहेंगे कि पहले एक भी मंडल नहीं बनता था और यदि नयी पीढ़ी से बात करें तो ज्ञात होगा कि जितने मंडल बनें उतनी विशेष पूजा। पार्थिव पूजन में मंडल विषयक चर्चा

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माहात्म्य

शिवपुराण के अनुसार पार्थिव शिवलिंग पूजन का दिव्य माहात्म्य। जानिए क्यों कलियुग में मिट्टी के शिवलिंग की पूजा सर्वश्रेष्ठ मानी गई है और इसके आध्यात्मिक लाभ।

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हवन

श्रेणी: विधान हवन हवन का तात्पर्य विधिपूर्वक स्थापित अग्नि में सावधानी से उत्तम द्रव्यों की आहुति देना होता है न कि अलाव लगाना। प्रायः देखा यही जाता है कि अलाव लगाकर उसमें शाकल्यादि नामक द्रव्य देना मात्र ही हवन समझा जाता है जो की सर्वथा भ्रम है। यदि ठंड में ऐसे अलाव लगायें तो एक

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पार्थिवार्चा

श्रेणी: विधान पार्थिवार्चा नमः शिवाय मंत्रेणार्चनद्रव्यं च प्रोक्षयेत् ।भूरसीति च मंत्रेण क्षेत्रसिद्धिं प्रकारयेत् ॥ आपोऽस्मानिति मंत्रेण जलसंस्कारमाचरेत् ।नमस्ते रुद्र मंत्रेण स्फाटिकाबंधमुच्यते ॥ शंभवायेति मंत्रेण क्षेत्रशुद्धिं प्रकारयेत् ।नमः पूर्वेण कुर्यात्पंचामृतस्यापि प्रोक्षणम् ॥ नीलग्रीवाय मंत्रेण नमः पूर्वेण भक्तिमान् ।चरेच्छंकरलिंगस्य प्रतिष्ठापनमुत्तमम् ॥ भक्तितस्तत एतत्ते रुद्रायेति च मंत्रतः ।आसनं रमणीयं वै दद्याद्वैदिकमार्गकृत् ॥ मानो महान्तमिति च मंत्रेणावाहनं चरेत् ।या

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