अन्यान्य
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन..
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी
अपन नगरी हो कैलाशपुरीबाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी।
अँगना बहारब बाबा घरवा बहारबऔरो बहारब अहां के डेहरी बाबा
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी।अहां के नगर में बाबा गंगा नहायब
जल भरी आनब भरी गगरीबाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी।
कार्तिक गणपति गोद खिलायबपीसब भांग रगड़ी रगड़ी
बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी।सांँझ सवेरे बाबा झांकी निहारब
जीवन सफल होयत हमरीबाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी।

शंकर तेरी जटा में
शंकर तेरी जटा में बहती है गंगधारा ।काली घटा के अंदर जिम दामिनी उजारा ॥
गल मुंडमाल राजे शशि भाल में बिराजे ।डमरू निनाद बाजे कर में त्रिशूल भारा ॥
दृग तीन तेज राशी कटिबंध नागफासी ।गिरिजा है संग दासी सब विश्व के अधारा ॥
मृगचर्म वसनधारी वृषराज पर सवारी ।निज भक्त दुःखहारी कैलाश में विहारा ॥
शिवनाम जो उचारे सब पाप दोष टारे ।ब्रह्मानंद न बिसारे भवसिंधु पार तारा ॥
