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पार्थिव पूजनं – भजन अन्यान्य
अन्यान्य बाबा नेने चलियौ हमरो अपन.. बाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरीअपन नगरी हो कैलाशपुरीबाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी।अँगना बहारब बाबा घरवा बहारबऔरो बहारब अहां के डेहरी बाबाबाबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी।अहां के नगर में बाबा गंगा नहायबजल भरी आनब भरी गगरीबाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी।कार्तिक गणपति गोद खिलायबपीसब भांग रगड़ी रगड़ीबाबा…
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पार्थिव पूजनं – भजन स्वरचित
संवारलौं सबके शिव शंकरसुख संपति सुहनमां ।बेर हमर आयल जं भोलामुनलौं आंखि धियनमां ॥भरलौं झोली सब के तॅ अहांऔढरदानी कहनमां।पापी एक टा हमही भारीमुनलौं आंखि धियनमां ॥रूसल छी किये दानी दिगम्बरगौरा के सजनमां ।पूजा करब जे आवू कनियेंबसहा के चढनमां ॥मंत्र कॅ ज्ञान न विधि-विधान तॅफेरब अहां जे मुंहमां।ताकथिन के फेर मूर्ख-जपाल केरखथिन अपन शरणमां…
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पार्थिव पूजनं – भजन विद्यापतिकृत
विद्यापतिकृत आजु नाथ एक व्रत आजु नाथ एक व्रत महा सुख लागल हे।तोहे सिव धरु नट भेस कि डमरू बजाबह हे॥तोहे गौरी कहै छह नाचय हमें कोना नाचब हे॥चारि सोच मोहि होए कौन बिधि बाँचब हे॥अमिअ चुमिअ भूमि खसत बघम्बर जागत हे॥होएत बघम्बर बाघ बसहा धरि खायत हे॥सिरसँ ससरत साँप पुहुमि लोटायत हे॥कातिक पोसल मजूर…
